• Sun. Jan 23rd, 2022

असम और मिजोरम के क्षेत्रीय इलाको में हिंसा की खबर से दहशत का माहौल

सीमा विवाद के अचानक बढ़ने के दौरान राज्य की संवैधानिक सीमा की सुरक्षा कर रहे असम पुलिस के कम से कम छह जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 60 अन्य घायल हो गए। दोनों पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की। असम सरकार ने राज्य से अपने लोगों और पुलिस कर्मियों को बेवजह हिंसा करने से रोकने और शांति बहाल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। सरकार ने कहा है कि दोनों राज्यों की सीमा पर तनाव को देखते हुए असम पुलिस के अधिकारी सुबह में वहां पहुंचे थे और मिजोरम के लोगों से यथास्थिति बनाने का आग्रह किया था। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ है और पुलिस के अधिकारियों पर मिजोरम की तरफ से भीड़ ने हमला कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनो मुख्य मंत्री से बात कीउनसे विवादित सीमा पर शांति सुनिश्चित करने और सौहार्द पूर्ण समाधान खोजने का आग्रह किया। अमित शाह ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में सीमा विवादों को सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित किया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में मिजोरम पुलिस के जवानों के जश्न मनाते हुए दिखाया गया है। वे स्थानीय लोगों से हाथ मिला रहे हैं और एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। सरमा ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा असम के 5 पुलिस कर्मियों की हत्या और कई को घायल करने के बाद मिजोरम पुलिस और गुंडे ऐसे जश्न मना मना रहे हैं। असम के बराक घाटी के जिले कछार, करीमगंज और हैलाकांडी मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासिब और मामित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। एक क्षेत्रीय विवाद के बाद, इस साल अगस्त 2020 और फरवरी में अंतर-राज्यीय सीमा पर झड़पें हुईं। सरमा ने ट्वीट किया, मुझे यह सूचित करते हुए बहुत दुख हो रहा है कि असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक सीमा की रक्षा करते हुए असम पुलिस के छह बहादुर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मिजोरम के गृह मंत्री लालचमलियाना ने एक बयान में कहा कि असम के 200 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सीआरपीएफ की चौकी पार कर आगजनी, हमला और निहत्थे लोगों पर गोलीबारी की, जिसके बाद मिजोरम पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीमा पार से उपद्रवियों ने उस समय अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। सोमवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और एक-दूसरे की पुलिस को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। दोनों ने केंद्र से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा से बात की है और उनकी पुलिस शांति बनाए रखेगी। जोरमथांगा ने असम पुलिस पर लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के आरोप लगाए जबकि असम की पुलिस ने दावा किया।

सतीश कुमार (ऑपेरशन हेड, साउथ इंडिया)