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भारत में दीपावली का इतिहास एवं पूजन विधि

Oct 17, 2022 ,

गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है सितारों ने गगन से सलाम भेजा है

मुबारक हो आपको यह दिवाली हमने तहे दिल से यह पैगाम भेजा है।

भारत एक ऐसा देश है जहां 1 साल में अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं भारत के लोगो कि भगवान के प्रति गहरी सच्ची आस्था होती है इसलिए भी सभी त्योहारों को बड़ी श्रद्धा के साथ में मनाते हैं ।
भारत में दिवाली कब मनाई जाती है
भारत में दीपावली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। प्रकाश का यह त्यौहार पूरे 5 दिन धनतेरस से भाईदूज तक बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। दीपावली जैसा त्यौहार भारत के राज्य (उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा) में बड़े स्तर पर मनाई जाती है।
दिवाली का इतिहास
दीपावली को तिहार के रूप में भी जाना जाता है। भारत में दिवाली का इतिहास बहुत पुराना है। दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो लोगो बीच हो रहे मनमुटाव को खत्म कर उन्हे एक दूसरे से जोड़ने का काम भी करती है। दीवाली खुशियों का त्यौहार है।
कहा जाता है कि भगवान राम ने जब रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की और अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लोटे तो उनके आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाए। उसके बाद से ही यह दिन प्रत्येक वर्ष दीपावली के नाम से जाना में मनाया जाने लगा।


दिवाली की पूजा विधि
दिवाली के दिन धन की महा लक्ष्मी और गणेश की पूजा की जाती है इस दिन नए वस्त्र धारण किए जाते हैं । देवी लक्ष्मी को फूल, नारियल और फल चढ़ाए जाते हैं। देवी लक्ष्मी की पूजा आराधना करते समय अपने परिवार के कल्याण एवं शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

कोमल गुर्जर, मेरठ