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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताई वैक्सीन डोज की उपलब्धता पर चिंता

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राजस्थान में वैक्सीन की डोज की उपलब्धता की तरफ ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा है कि राजस्थान आप की ओर से घोषित टीका उत्सव में भागीदारी निभाने के लिए तैयार है लेकिन अब यहाँ वैक्सीन की डोज की उपलब्धता सिर्फ दो दिनों की है। मुख्यमंत्री ने वैक्सीन की 30 लाख डोज राजस्थान को मुहैया करवाने की जरूरत प्रतिपादित की है। मुख्यमंत्री गहलोत की और से प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में बताया गया कि वैक्सीनेशन अभियान के दौरान राजस्थान 16 जनवरी 2021 से बेहतर परिणाम दे रहा है। अब तक वैक्सीनेशन अभियान के दौरान 7 अप्रैल तक 86 लाख 89 हजार 770 वैक्सीन की डोज लाभार्थियों को लगाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की और से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में घोषित 11 से 14 अप्रैल तक चलने वाले टीका उत्सव का हवाला देते हुए लिखा कि राजस्थान इस उत्सव में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण करवाने के लिए उत्साहित है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि टीका उत्सव के दौरान राजस्थान अपनी पूरी भागीदारी निभाएंगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राजस्थान वैसे भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी कर रहा है और इसमें पांच लाख डोज प्रतिदिन लाभार्थियों को लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि राजस्थान में वैक्सीन डोज की उपलब्धता सिर्फ दो दिनों की है और राजस्थान में आयु वर्ग श्रेणी के लिहाज से 30 लाख डोजेज की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि कोरोना महामारी के इस दौर में केन्द्र सरकार राज्य सरकार की और से की जा रही मांगों को जल्द पूरा करेंगी। मुख्यमंत्री ने जताई बढ़ते कोरोना केसेज पर चिंता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमित हो रहे लोगों पर चिंता जताते हुए आमजन से कोरोना प्रोटोकाॅल का पूरा पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार दोपहर एक ट्वीट कर लिखा कि लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल के 40 और दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के 37 डॉक्टरों को कोरोना संक्रमण हुआ है। इनमें से अधिकांश डॉक्टरों को वैक्सीन लग चुकी है। इससे पता चलता है कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सोशल डिस्टैंसिंग सहित कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि वैक्सीन गंभीर स्थिति होने एवं मृत्यु होने की आशंका कम कर देती है। यदि वैक्सीन लगने के बाद प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया गया तो कोविड-19 हो सकता है। इसलिए वैक्सीन लगने के बाद भी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें।

-निरंजन चौधरी, जयपुर।