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कांग्रेस के लिए क्यों आसान नहीं ’40 फीसदी टिकट जीतना।

लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के नारे के साथ महिलाओं को चालीस फीसदी टिकट देने का ऐलान कर कांग्रेस ने दूसरी पार्टियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी की घोषणा को राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है।40 फीसदी महिला उम्मीदवार का वादा पूरा करने के लिए कांग्रेस को करीब 160 टिकट महिलाओं को देने होंगे। पार्टी के पास सिर्फ सात विधायक हैं, ऐसे में पार्टी के पास खाली सीट की कमी नहीं है। पर डेढ सौ से अधिक जिताऊ महिला तलाशना पार्टी के एक लिए एक चुनौती है। उम्मीदवार के जरिए पार्टी क्षेत्र में जातीय समीकरणों को साधने के साथ उसकी जीत की संभावनाएं भी देखती है। इस वक्त कांग्रेस के पास जीतने वाली महिलाएं तो दूर पुरुष उम्मीदवार भी नहीं हैं। ऐसे में उसकी मुश्किल बढ़ सकती है।इनमें लगभग 2700 आवेदन महिलाओं की तरफ से मिले हैं। टिकट मांगने वाली इन दावेदारों में कई महिलाओं का राजनीति से सभी कोई संबंध नहीं रहा है। वहीं, बड़ी संख्या में नेताओं ने अपनी पत्नी और बेटी की तरफ से भी टिकट के लिए आवेदन कराए हैं।

सतीश कुमार