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गोलगप्पे बेच क्रिकेटर नहीं बने यशस्वी जायसवाल, कोच ने बताई सच्चाई

मुंबई इंडियंस के खिलाफ हुए मैच में राजस्थान रॉयल्स के तरफ़ से खेलने वाले 21 वर्षीय उत्तर प्रदेश के यशस्वी भूपेंद्र कुमार जायसवाल ने 62 गेंदों में 124 रन बनाए, यशस्वी बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने आईपीएल 2023 के 9 मैचों में 160 के स्ट्राइक रेट से 428 रन बना लिए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। इतनी अच्छी फॉर्म होने के बाद उनपर खबरें बनना तो तय थीं। इन सब में उनकी गरीबी और गोलगप्पे वाला एंगल भी शामिल था। हालांकि, उनके बचपन के कोच ज्वाला सिंह के मुताबिक यशस्वी जायसवाल मुंबई के आजाद मैदान के बाहर कड़ी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंचे हैं ना की पानी पूरी बेचकर।

यशस्वी ज्वाला सिंह के संपर्क में साल 2013 में आए थे और तब से वह उनके साथ ही रहे। ज्वाला सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “मुझे वास्तव में ये कहानी (पानी पूरी बेचना) पसंद नहीं है, वह कड़ी मेहनत के कारण क्रिकेट खेल रहे हैं, कईं लोगों ने आजाद मैदान के पास अपने स्टॉल लगाए। कभी-कभी जब वह शाम को खाली होते थे तो उनकी थोड़ी मदद करते थे। उन्होंने खुद स्टॉल नहीं लगाया। ऐसा नहीं है की उसने पानी पूरी बेची और भारत के लिए खेला।

ज्वाला सिंह ने यशस्वी के पिता भूपेंद्र सिंह का ज़िक्र करते हुए कहा, “मैं उनसे 25 दिसंबर 2013 को मिला था। उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं उनके जीवन में भगवान की तरह आया हूं। आप इससे झाड़ू लगवाओ, पोछा करवाओ, बस इसको अपने साथ रखना और क्रिकेटर बनाना। ज्वाला सिंह ने कहा कि यशस्वी के घरवालों ने एक तरह से मुझे उसकी पावर ऑफ़ अटॉर्नी दे दी थी”।

ज्वाला सिंह ने बताया की उन्होंने यशस्वी को अपने बेटे की तरह समझा और यशस्वी दस साल तक उनके घर में रहे। उन्होंने ये भी कहा की मैंने उसे वे बल्ले दिलाए जो इंटरनेशनल खिलाडी रखते हैं, मैंने उसे पहला बैट कॉन्ट्रेक्ट चालीस हजार रुपये में दिलवाया था।

ज्वाला सिंह के मुताबिक, जो भी संघर्ष था साल 2013 से पहले था, 2013 के बाद से गरीबी की कोई बात नहीं थी। यशस्वी और मैं दोनों इस तरह की कहानियों के चलते परेशान हो जाते हैं। ज्वाला सिंह ने बताया की उन्होंने एक बार बल्लेबाज़ी तकनीक में सुधार के लिए यशस्वी जायसवाल को इंग्लैंड भी भेजा था।

वायरल वीडियो के बारे में ज्वाला सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने निवेदन करके कहा कि यशस्वी को ऐसा दिखाना है, जैसे पानी पूरी बेच रहा है। मज़ाकिया अंदाज़ में मैंने भी उससे कह दिया जा खड़े हो जा और कर दे वीडियो। ज्वाला सिंह ने कहा कि यशस्वी की कहानी कड़ी मेहनत की है जिससे वह क्रिकेटर बना, उन्होंने कहा कि यशस्वी के करियर को बनाने में कई लोगों की अहम भूमिका है। इनमें दिलीप वेंगसरकर, वसीम जाफर, उसका स्कूल, क्लब और मुंबई क्रिकेटर एसोसिएशन शामिल हैं। मुझे लगता है कि गरीबी के एंगल के बजाए इस बारे में ज़्यादा बात होनी चाहिए।

आशीष ठाकुर – हिमाचल प्रदेश