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थैलेसीमिया के लिए पहले दवाई आ गई

Nov 19, 2023

अभी तक थैलेसीमिया का एक मात्र स्थाई इलाज बोनमेरो ट्रांसप्लांट किया गया था। जो किसी करीबी से ही संभव था। लेकिन अब यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी ने 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सिकल सेल रोग और ट्रांसफ्यूजन-निर्भर बीटा-थैलेसीमिया वाले रोगियों के लिए कैसगेवी नामक नए उपचार को अधिकृत किया है।सिकल सेल रोग और बीटा-थैलेसीमिया दोनों आनुवंशिक स्थितियां हैं जो हीमोग्लोबिन के जीन में त्रुटियों के कारण होना शुरु हो जाता है।

कैसगेवी को मरीज की बोनमेरो स्टेम कोशिकाओं में दोषपूर्ण जीन को हटाने के काम के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि शरीर कार्यशील हीमोग्लोबिन का उत्पादन कर सके। ऐसा करने के लिए, स्टेम कोशिकाओं को बोनमेरो से बाहर निकाला जाता है, एक प्रयोगशाला में संपादित किया जाता है और फिर रोगी में वापस डाला जाता है जिसके बाद परिणाम जीवन भर रहने की संभावना हो जाती है।

सिकल सेल रोग वाले लोगों में आनुवंशिक त्रुटि के कारण बहुत गंभीर दर्द, गंभीर और जीवन-घातक संक्रमण और एनीमिया हो सकता है। वहीं बीटा-थैलेसीमिया रोगियों में यह गंभीर एनीमिया का कारण बन सकता है। कैसगेवी दोनों ही रोगों में हीमोग्लोबिन उत्पादन को बहाल करने के लिए पाया गया है। इसके अध्ययन में काफी हद पॉजिटिव रिजल्ट नजर आए है और इन रोगियों को जीवन जीने की राह मिली है।