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भारत: कोरोना की दूसरे लहर से करोड़ों लोग हुए बेरोज़गार

कोरोना के कारण लोगों की जिन्दगी ही नहीं बल्कि रोजगार पर भी काफी असर पड़ा है। देश में पिछली साल की बात करें तो बेरोजगारी दर 23.5 फीसदी के रिकाॅर्ड स्तर तक आ गई थी। वहीं कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों के निजी जीवन में काफी प्रभाव डाला है। कोरोना महामारी के चलते दूसरी लहर के दौरान भारत में करीब 1 करोड़ लोगों ने नौकरी गंवाई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी ने इसकी जानकारी दी है जिसके अनुसार बेरोजगारी दर मई में 12 फीसदी की कमी आई है। देश में जिन लोगों की नौकरी गई है उनको नौकरी ढूंढने में काफी परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों की माने तो असंगठित क्षेत्रों में रोजगार आसानी से मिल जाता है। वहीं संगठित क्षेत्र में नौकरी मिलने में काफी समय लग जाता है। देश में बेरोजगारी की बात करें तो पिछले साल इसकी दर 23.5 फीसदी के आसपास पहुंच गई थी। कई विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर पहुंचने से काफई नुकसान हो चुका है। देश में अर्थव्यवस्था कमजोर होने से काफी नुकसान हो गया है। इसको ध्यान मे रखकर सरकार लोगों को मुफ्त राॅशन दे रही है जिससे गरीबों को काफी फायदा हुआ है। केंद्र सरकार का मानना है कि लाॅकडाउन में दिहाड़ी मजदूरों का काफी नुकसान होता है। उनके लिए कुछ इंतजाम होना आवश्यक है। पीएम मोदी ने गरीबों को मुफ्त राॅशन देने की घोषणा किया था जिससे गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों को परेशानी ना झेलनी पड़े। राॅशन वितरण होने से गरीबों को काफी मदद मिली है। देश में तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने पहले से तैयारी पूरी होने की बात कही है। सरकार ने 2014 में वादा किया था कि युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। देश में आज के हालात की बात करें तो युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिल रहा है। सरकार को युवाओं के लिए रोजगार देने का प्रयास करना चाहिए। रोजगार से देश की स्थिति में सुधार आएगा। इससे आने वाले समय में सुधार आने की संंभावना है। चुनाव में रोजगार के वादे को नेताओं द्वारा गंभीरता से लेने की जरुरुत है। देश में जीडीपी में सुधार होगा तो आने वाले समय में काफी मदद मिलेगी।
कोरोना की पहली लहर शुरु होने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़े राहत पैकेज देने की घोषणा किया था। इससे अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव हुआ था जिससे इकाॅनमी पटरी पर आना शुरु हो गई थी। देश में कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद भारत में लोगों को काफी दिक्कत हुई है। भारत में रोजगार लोगों को काफी नुकसान हुआ है और मई 2021 में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने रोजगार गवाया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था को सुधार आने में काफी समय लगेगा।

अंज़र हाशमी, उत्तरप्रदेश।