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डॉ जयशंकर बेल्जियम पहुंचे, वहां के प्रधानमंत्री से की मुलाक़ात

भारत गणराज्य के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर सोमवार को किंगडम ऑफ़ बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स पहुंचे। जहां पर उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डी क्रू से भी मुलाक़ात की। आपको बता दें कि विदेश मंत्री अपनी तीनों देशों बांग्लादेश, स्वीडन व बेल्जियम की यात्रा के आखिरी चरण में ब्रसेल्स पहुंचे हैं।

भारत और बेल्जियम के ध्वज

डॉ जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ़ से बेल्जियम के प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दी। इस बैठक में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा कौशल विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी सम्मलित हुए।

डॉ जयशंकर, अलेक्जेंडर डी क्रू, पीयूष गोयल, राजीव चन्द्रशेखर

डॉ जयशंकर स्वीडन राज्य के तीन दिन के दौरे के पश्चात् बेल्जियम पहुंचे। यहां पर उन्होंने व्यापार व प्रौद्योगिकी साथ बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। डॉ जयशंकर मंगलवार को होने वाली भारत-यूरोपीय संघ व्यापार व प्रौद्योगिकी परिषद की प्रथम में बैठक में भाग लेने हेतु ब्रसेल्स गए हैं।

स्वीडन में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर

छ: दिन की यात्रा पर हैं विदेश मंत्री डॉ जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ जयशंकर बांग्लादेश जनवादी गणराज्य, स्वीडन राज्य और किंगडम ऑफ़ बेल्जियम की छः दिन की यात्रा पर गुरुवार को रवाना हुए थे। अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर द्विपक्षीय व बहुपक्षीय ढांचे के तहत तीनों देशों के संग भारत के जुड़ाव को और ताकतवर करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी थी।

भारत का विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के प्रथम चरण में डॉ जयशंकर 11 और 12 मई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचे थे। 13 और 15 मई तक स्वीडन पहुंचे। तीनों देशों की अपनी यात्रा के आखिरी चरण में वह बेल्जियम पहुंचे। जहां पर वह दो दिन 15 और 16 मई तक रहेंगे।

डॉ जयशंकर की बांग्लादेश यात्रा

संयुक्त राष्ट्र की पुरानी प्रणाली के लाभार्थी इसके सुधार के विरुद्ध हैं : डॉ एस जयशंकर

भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार के विरोध खड़े होने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पुरानी प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, वे उसमें में बदलाव की खिलाफत कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि वह उनके विशेष अधिकारों को कमजोर कर देगा। डॉ जयशंकर यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत मंत्रीस्तरीय मंच में सम्मलित होने हेतु स्वीडन के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भारत में हो रहे बदलाव का जिक्र किया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रतीक चिन्ह

भारत गणराज्य के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की संभावना पर उन्होंने कहा कि हर साल के बीतने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता प्रश्नों के घेरे में आ रही है और अच्छे के लिए इसमें सुधार करना आवश्यक है।

संयुक्त राष्ट्र का सुरक्षा परिषद

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र का निर्माण 1940 के दशक में विशेष तौर से दूसरे विश्व युद्ध में विजयी देशों द्वारा बनाया गया था और भारत चार्टर का मूल हस्ताक्षरकर्ता था, परंतु समस्या यह थी कि भारत उस वक़्त एक स्वतंत्र देश न होकर ब्रिटेन का उपनिवेश था, जिसकी वज़ह से भारत को उस समय ब्रिटिश साम्राज्य का ही हिस्सा माना जाता था।

ब्रितानी भारत यूएन के चार्टर पर हस्ताक्षर करते हुए

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश