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पुतिन ने बताई ब्रिक्स में न जाने की वजह

मॉस्को: दक्षिण अफ्रीका गणराज्य में ब्रिक्स देशों का सम्मेलन होने वाला है, लेकिन रूसी महासंघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसमें शारीरिक रूप से भाग नहीं लेंगे। पुतिन का कहना है कि उन्हें रूस में ही रहकर ही काम करना होगा। पुतिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जबकि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, दक्षिण अफ्रीका पहुंचकर सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का शामिल होना संभव नहीं है। इसकी घोषणा 19 जुलाई को दक्षिण अफ्रीक के प्रशासन ने की। उन्होंने कहा कि पुतिन और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के बीच ‘आपसी सहमति’ हुई है कि पुतिन सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे।ब्रिक्स सम्मेलन 22-24 अगस्त के बीच दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े शहर जोहान्सबर्ग में होना है।

अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है, जिसमें उन्हें यूक्रेन में बच्चों को अनैतिक रूप से हटाने, पलायन कराने और युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। पुतिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि आईसीसी के सदस्य देशों में उनकी पहुंच पर प्रतिबंध हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका, जो 22-24 अगस्त के बीच ब्रिक्स सम्मेलन का मेजबान है, भी आईसीसी का सदस्य है, और उसके ऊपर पुतिन को हिरासत में लेने का कानूनी दायित्व है।

दक्षिण अफ्रीका के विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी डेमोक्रेटिक अलायंस ने सरकार पर दबाव डाला है कि वह आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट का पालन करे और पुतिन को गिरफ्तार करे। इस मुद्दे पर वह अदालत में भी गए हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह पुतिन को ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन दक्षिण अफ्रीका में आकर ब्रिक्स के सम्मेलन को संकट में डालना नहीं चाहते, और दक्षिण अफ्रीका की परेशानी में वृद्धि नहीं करना चाहते।

जी20 सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए सितंबर में भारत गणराज्य आने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दौरा अब खतरे में है। मीडिया की मानें तो, पुतिन ने पहले ही दक्षिण अफ्रीका का दौरा रद्द कर दिया है। पुतिन का भारत आने का संकेत तब मिला था, जब भारत ने इस महीने की शुरुआत में एससीओ की बैठक को ऑनलाइन करने का फैसला किया था।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश