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आज मनाया जा रहा है वर्ल्ड नो टोबैको डे

तम्बाकू के कई शारीरिक व इकोनॉमिक नुक्सान भी हो सकता है। एक और जहां तम्बाकू के सेवन करने से कई तेरह की बीमारियां हो जाती है। वहीं दूसरी और यह ग्लोबल फ़ूड क्राइसिस का कारण बनने की संभावना होती है। तंबाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में तंबाकू की खपत को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों की वकालत करने के लिए 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) मनाया जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organisation, WHO) के अनुसार तम्बाकू उगाना हमारे स्वास्थ्य, किसानों के स्वास्थ्य और पूरे प्लेनेट के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। इसका बड़ा कारण है तम्बाकू इंडस्ट्री जो तम्बाकू के अलावा कोई और अनाज उगाने के प्रयासों में हस्तक्षेप कर सकते हैं। और ग्लोबल फ़ूड क्राइसेस का कारण बनती है। वर्ल्ड नो टोबैको डे एक कैंपेन है जो सरकार को तम्बाकू उगाने वाली सब्सिडी को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही इससे हुई बचत से किसानों को सस्टेनेबल अनाज उगाने में मदद मिल सकती है और फ़ूड सिक्योरिटी व नुट्रिशन की क्वालिटी में सुधार हो सकता है।

साल 1987 में, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने तंबाकू की महामारी और इसके विनाशकारी स्वास्थ्य परिणामों पर देश- दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए विश्व तंबाकू निषेध दिवस की स्थापना की। सबसे पहला विश्व तंबाकू निषेध दिवस 7 मई, 1988 को “तंबाकू या स्वास्थ्य: स्वास्थ्य चुनें” थीम के साथ मनाया गया था। तभी से हर साल यह दिन तंबाकू नियंत्रण से संबंधित एक जरूरी थीम पर केंद्रित होता है। इन थीम का उद्देश्य तम्बाकू उपयोग के विभिन्न पहलु और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना और सभी को जानकारी देना है।