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वर्ल्ड हार्ट डे पर इन बातों से मिलेगा फायदा

इस वर्ल्‍ड हार्ट डे के मौके अवसर पर देखा जाएंगे नवभारत टाइम्स ‘दिल की बात’ नाम के एक खास कार्यक्रम के द्वारा अपने पाठकों को CVD यानी कार्डियो वैस्कुलर डिजीज से जुड़ी ढेर सारी जानकारी मिलने जा रहि है। इस चर्चा में हमारे साथ भारतभर से जानें मानें कार्डियोलॉजिस्ट हिस्‍सा लेंगे और वह हमारे रीडर्स को दिल से जुड़ी बीमारियों, उनके कारण और लक्षण को पहचानने में सहायता करने वाला है ।

हर साल वर्ल्ड हार्ट डे अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल यानी 2023 में वर्ल्ड हार्ट डे की थीम ‘Use heart, know heart is open-ended’ दिया गया है। यह थीम हमें याद दिलाती है कि हम सभी अपने हृदय के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी खुद लें और इसे सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाना होता है।

जानें क्‍या होती है CVD यानी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज
क्‍या आप जानते हैं कि CVD से दुनियाभर में सबसे ज्‍यादा मृत्यु होती है। वहीं, अगर भारत की बात की जाए तो कैंसर की तुलना में लोग CVD से तिगुनी तेजी से मरते हैं। हृदय रोग में व्‍यक्‍ति की वह धमनियां ब्‍लॉक होना शुरू हो जाती है, जो हृदय तक खून की सप्‍लाई करती है। इससे हृदय में क्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिसके बाद व्‍यक्‍ति को तुरंत उपचार की जरूरत होती है।
वर्ल्ड हार्ट डे का महत्व
हम सभी जानते हैं कि दिल शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने का काम करता है। अगर दिल की सेहत किसी भी रूप में बिगड़ती तो पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना शुरू हो जाता है। हार्ट डिजीज और कार्डियक स्ट्रोक दुनिया में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हैं। हर साल लगभग 18.6 मिलियन लोग हार्ट डिजीज या स्ट्रोक के कारण मर जाते हैं। वर्ल्ड हार्ट हेल्थ डे मनाने की बड़ी वजह लोगों को दिल की सेहत के प्रति जागरूक करने का मौका देना और एक ऐसा हेल्दी लाइफस्‍टाइल चुन सकते हैं।