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ईरान ने पकड़ा भारतीय चालक दल वाला तेल टैंकर

ईरानी इस्लामिक गणराज्य की संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही चिंताओं के मध्य ईरान की नौसेना ने अमेरिका की तरफ़ जा रहे मार्शल द्वीप समूह के झंडे के साथ तेल के टैंकर को ओमान की खाड़ी में अपनी हिरासत में ले लिया है। आपको बता दें कि तेल टैंकर के चालक दल के सारे 24 सदस्य भारत के नागरिक हैं।

जहाज ने दी थी हिरासत में लेने से पहले आपातकालीन सूचना

कुवैत राज्य से आए इस तेल के टैंकर को अमेरिका के टेक्सस राज्य के ह्यूस्टन शहर में जाना था। टैंकर द्वारा गुरुवार की दोपहर को स्वयं को परेशानी में होने की सूचना दी थी। अमेरिका की नौसेना के पश्चिम एशिया में मौजूद पांचवे बेड़े ने ईरानी नौसेना द्वारा अपनी हिरासत में लिए गए तेल टैंकर की पहचान ‘एडवांटेज स्वीट’ के तौर पर की है। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, तभी ईरान की नौसेना ने जहाज को अपने हिरासत में ले लिया। उसके पश्चात् अमेरिका ने पूरे मामले की निगरानी करने हेतु एक पी-8 पोसीडियन समुद्री पैट्रोलिंग विमान भेजा, जिसने यह सूचना देते हुआ कहा कि ईरानी नौसेना ने तेल टैंकर को अपने हिरासत में ले लिया है।

ईरानी नौसेना ने 2 वर्षों में 5 व्यावसायिक पोत हिरासत में लिए

अमेरिकी नौसेना का कहना है कि ईरान की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध है। यह कदम क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए खतरा है। ईरान को जल्द ही तेल टैंकर को रिहा कर देना चाहिए। नौसेना ने बताया कि ईरान ने पूर्व 2 वर्षों में यह पांचवां व्यावसायिक पोत अपने हिरासत में लिया है। उनकी ओर से निरंतर समुद्री जहाजों को हिरासत में लेना और नेविगेशनल अधिकारों में हस्तक्षेप करना समुद्री सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है।

टैंकर कंपनी बोली- हमारी प्राथमिकता क्रू सदस्यों की सुरक्षा है

अमेरिका की समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार, एडवांटेज टैंकर का प्रबंधन तुर्की की एक कंपनी करती है। हालांकि, चीन की एक कंपनी इस टैंकर की मालिक है। तुर्की की कंपनी ने बयान जारी कर यह कहा है कि ईरानी नौसेना ने तेल के टैंकर को एक अंतरराष्ट्रीय विवाद के कारण ओमान की खाड़ी में हिरासत में लिया है। इसके पश्चात् इसे एक बंदरगाह की ओर ले जाया जा रहा है। इस पर सवार चालक दल के सारे 24 सदस्य भारत के नागरिक हैं।

कंपनी ने कहा कि हमारे क्रू सदस्यों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। इस किस्म की घटना पूर्व में भी हो चुकी है, जिससे यह पता चलता है कि ऐसी परिस्थितियों में जहाज के चालक दल के सदस्यों को कोई खतरा नहीं होता है। हम जहाज और क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालने हेतु अधिकारियों से संपर्क साधे हुए हैं।

अमेरिका ने हिरासत में लिया था तेल टैंकर स्वेज राजन

कुछ दिन पूर्व ही अमेरिकी नौसेना ने मार्शल द्वीप समूह के एक तेल टैंकर स्वेज राजन को अपने हिरासत में लिया था। शिप ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, इस टैंकर की अंतिम लोकेशन अफ़्रीकी महाद्वीप के दक्षिण में 22 अप्रैल को मिली थी, जिसके बाद से यह टैंकर गायब है। इससे पूर्व पिछले वर्ष अप्रैल 2022 में भी अमेरिका ने रुसी महासंघ के झंडे वाले ईरान के एक तेल कार्गो को यूनानी गणराज्य (ग्रीस) के निकट पकड़ने का प्रयास किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने दोनों टैंकरों को रिहा कर दिया था।

वर्ष 2020 में अंतरराष्ट्रीय जल में आरंभ हुआ था विवाद           

संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 2020 में भी दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला की ओर जा रहे विदेशी जहाजों पर से 4 ईरानी ईंधन के 4 कार्गो को हिरासत में लिया था। उसके पश्चात् अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ विदेशी भागीदारों की सहायता से ईंधन को 2 जहाजों पर स्थानांतरण किया और इन्हें अमेरिका पहुंचाया गया था। इसी के बाद से अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिका और ईरान की ओर से निरंतर व्यावसायिक जहाजों पर कार्रवाई की जाती है। दूसरी ओर देखें तो अमेरिका और ईरान के मध्य परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चिंता निरंतर बढ़ रही है। ईरान का कहना है कि वह अपने देश के लोगों के लिए परमाणु कार्यक्रम पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका यह मानता है कि ईरान परमाणु बम के निर्माण की तैयारी कर रहा है।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश