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रूस ने किया यूक्रेन के बाखमुत पर कब्जा, वैगनर समूह प्रमुख ने किया दावा

कीव: रूसी महासंघ की निजी सेना वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने घोषणा की है कि उसके लड़कों ने बाखमुत पर अपना अधिकार कर लिया है। हालांकि यूक्रेन की सेना के प्रवक्ता ने वैगनर प्रमुख के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि बाखमुत में संघर्ष अभी भी चल रहा है। वहीं प्रिगोझिन ने एक वीडियो जारी कर यह घोषणा की है कि बाखमुत पर रूस का अधिकार हो गया है। इस वीडियो में प्रिगोझिन के पीछे रूस तथा वैगनर समूह का बैनर लिए लड़ाके दिख रहे हैं।

हमने दोपहर 12 बजे तक किया सम्पूर्ण अधिकार – प्रमुख वैगनर समूह

वैगनर प्रमुख ने कहा कि आज दोपहर 12 बजे तक बाखमुत पर सम्पूर्ण रूप से अधिकार कर लिया है। शहर के प्रत्येक घर पर हमारे नियंत्रण में है। आपको बता दें कि बाखमुत की लड़ाई रूस-यूक्रेन जंग की सबसे घातक लड़ाइयों में से एक रही है, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं को बहुत ज्यादा हानि हुई। प्रिगोझिन ने कहा कि उसके लड़ाके 25 मई को रूस की सेना को बाखमुत पर अपना नियंत्रण सौंप कर यह मोर्चा छोड़ देंगे।

जो बाइडन का माथा चूमें वोलोदिमिर जेलेंस्की – प्रमुख वैगनर समूह

वैगनर समूह की घोषणा ऐसे समय में आई, जब जापान के हिरोशिमा में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की दुनिया के शीर्ष नेताओं से मिल रहे थे। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से भी अलग से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर वैगनर समूह के प्रमुख ने राष्ट्रपति जेलेंस्की पर अपना तंज कसते हुए कहा कि आज जब आप बाइडन को देखें तो उनके माथे को चुमें व मेरी ओर से उन्हें हेलो बोलें।

वैगनर समूह को हुई बहुत ज्यादा हानि

जारी हुए वीडियो में वैगनर प्रमुख प्रिगोझिन ने यह भी कहा कि बाखमुत के संघर्ष में उनके लड़कों ने काफी हानि को झेली है। आपको बता दें कि पूर्व में भी प्रिगोझिन हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति ना होने की वजह से रूस के रक्षा मंत्रालय पर निशाना साध चुके हैं। अब भी उन्होंने कहा कि अगर हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति होती तो उनके लड़कों को पांच गुना कम हानि हुई होती।

आपको बता दें कि यूक्रेन के बाखमुत शहर पर अधिकार करने हेतु रूस ने बड़ी मात्रा में सैनिकों को इस मोर्चे पर तैनात किया था। ब्रिटेन की गुप्त रिपोर्ट में कहा गया था कि रूस का नेतृत्व किसी भी परिस्थिति में बाखमुत पर अपना अधिकार चाहता है ताकि इतनी लंबी लड़ाई के पश्चात उसे कुछ तो कामयाबी मिल सके।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश