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रूस को हथियार नहीं भेजेगा चीन

Apr 16, 2023 Aman Thakur , ,

एक साल से भी ज़्यादा चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शुक्रवार को चीन की ओर से यह घोषणा आई है कि वह इस युद्ध में दोनों पक्ष में से किसी को भी हथियार नहीं भेजेगा। यह घोषणा हाल ही में नियुक्त हुए चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने की है जिसमें उन्होंने कहा कि चीन इस युद्ध में निष्पक्ष रहेगा, परंतु वह रूस के साथ अपनी मित्रता को भी बरकरार रखेगा।

वहीं गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अमेरिका के लीक किए गए दस्तावेजों में यह खुलासा हुआ है कि चीन ने रूस को इस युद्ध के लिए हथियार भेजने के निर्णय को अनुमति दे दी है। वह चाहता है कि इस आपूर्ति की जानकारी सार्वजनिक न हो। अमेरिका के मशहूर अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, 23 फरवरी की एक खुफिया रिपोर्ट में यह लिखा है कि चीन रूस को वहां के लोगों से जुड़े सामान के छिपाव में हथियार देने वाला था।

चीन के विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि रूस को भेजे जाने वाले उन सामानों पर भी पाबंदी लगाई जाएगी, जिनका उपयोग वहां के आम लोग और सेना दोनों के लिए किया जा सकता है। जर्मनी के विदेश मंत्री के चीन दौरे के वक़्त एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किन गैंग ने कहा कि सेना से जुड़े सामान और हथियारों के निर्यात को लेकर चीन एक जिम्मेदार रुख़ अपनाता है। चीन इस युद्ध में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं भेजेगा, और दोहरे प्रयोग वाले सामानों के निर्यात पर भी पाबंदी लगाई जाएगी।

चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन चाहता है कि यह युद्ध जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी समाप्त किया जाए। हम इसका एक शांतिपूर्ण हल निकालने में सहायता करने के लिए तैयार हैं। इसी दौरान उन्होंने ताइवान पर इलाके में तनाव को बढ़ाने का भी आरोप लगाया। आपको बता दें कि ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन के अमेरिका के दौरे के पश्चात चीन ने उत्तरी ताइवान में 172 लड़ाकू जेट विमानों के साथ सैन्य अभ्यास किया था।

चीन की ओर से बयान के पश्चात ही अमेरिका की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। शुक्रवार को वाइट हाउस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि हम चीन के इस निर्णय का अभिनंदन करते हैं। अमेरिका पहले से ही यह कहता आया है कि रूस की सहायता करना चीन के फ़ायदे में नहीं है। हम पूरे मामले पर अपनी नज़र बनाए हुए हैं।

अमेरिकी समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, लीक हुए दस्तावेजों के खुलासे को इसलिए भी सही माना जा रहा है, क्योंकि इस पर फरवरी की तिथि लिखी हुई है। फरवरी माह में ही अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकन ने यह बयान दिया था कि अमेरिका के पास खुफ़िया जानकारी है कि चीन रूस को हथियार एवं गोला-बारूद देने पर विचार कर रहा है। अगर चीन ऐसा करता है तो परिणाम सही नहीं होगा।

आपको बता दें कि 19 मार्च को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचें थे। उन्होंने वहां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की। उधर आयोजित एक बैठक में दोनों नेताओं ने यह माना कि परमाणु युद्ध कभी नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति पुतिन ने यह कहा था कि चीन की शांति योजना को इस युद्ध को समाप्त करने के आधार के रुप में प्रयोग किया जाएगा। चीन के 12 बिंदुओं की शांति योजना में रूस के सैनिकों की यूक्रेन से पीछे हटने का कोई जिक्र नहीं है। इस योजना में केवल बातचीत करने और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की बात की गई है।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश