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रूस में होंगी नई सैन्य भर्तियां

Apr 13, 2023 Aman Thakur ,

रूस और यूक्रेन में युद्ध को एक साल से ज़्यादा हो गया है। इसी बीच रूस अपनी सेना में बड़ी भर्ती करने जा रहा है। इस कानून को रूस की निचली स्टेट ड्यूमा से मंजूरी मिल गई है। इस कानून के अनुसार मातृभूमि के लिए सेना में बुलाए गए किसी भी व्यक्ति को देश से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इस भर्ती को ज़रूरी भर्ती योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

आपको बता दें कि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पिछले साल सितंबर में यह घोषणा की थी कि सेना में करीब 3 लाख और अधिक सैनिकों की भर्ती की जाएगी। इस घोषणा के सुनने के तुरंत बाद रूस के युवा देश छोड़कर जाने लगे। इस कानून से तहत उन्हें यूक्रेन जंग में मज़बूरन भर्ती किया जा रहा है।

वैसे अभी इस कानून को उच्च सदन से मंजूरी मिलना बाकी है। रूस की सरकार के प्रवक्ता दमित्री एस पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध लड़ने के लिए और ज़्यादा पुरुषों को शामिल करने की कोई योजना नहीं है।

इस कानून के अंतर्गत डिजिटल समन जैसे ई-मेल, सोशल मीडिया आकउंट या टेलीग्राम आदि देने का प्रावधान है। इसको भेजने के एक हफ़्ते के अंदर ही यह पाने वाले के लिए स्वीकार्य माना जाएगा। समन के जारी होने से 20 दिनों में इससे जुड़े देशवासी को सेना के स्थानीय भर्ती कार्यालय में हाजिर होना पड़ेगा। अगर वह हाजिर नहीं होता है तो सज़ा का पात्र माना जाएगा।

इस सज़ा में ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करना, अचल संपत्ति और संपत्ति के पंजीकरण पर रोक और बैंक के कर्ज के अयोग्य घोषित किया जाना शामिल है। इससे पहले भी अमीर लोगों को देश को छोड़ने के लिए कई पाबंदियां लगाई थीं लेकिन पलायन फ़िर भी न रुका।

फरवरी 2022 से रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण किए जाने के बाद से ही रुसी नागरिक अपने देश को छोड़कर जा रहे हैं। रूस की आबादी के 14 करोड़ लोगों में से 9 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका के समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार रूस से सबसे अधिक करीब 1.12 लाख नागरिक जॉर्जिया गए हैं उसके बाद कजाकिस्तान और सर्बिया में एक-एक लाख से अधिक नागरिक गए हैं। तुर्की, आर्मेनिया, आयरलैंड, इजराइल, किर्गिस्तान, अमेरिका, और मंगोलिया भी उन देशों में शामिल हैं जहां रुसी लोग आक्रमण के बाद ही पलायन कर गए थे। यूक्रेन की बात करें तो वहां से काफ़ी पलायन हुआ है जिसमें से सबसे ज़्यादा लोग पोलैंड के रास्ते गए हैं।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश