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भारत-चीन के बीच 14वें दौर की वार्ता विफल।

भारत-चीन के सैन्य कमांडरों के बीच 14वें दौर की वार्ता हुई है। इसमें भारत की तरफ से हॉट स्प्रिंग, डेप्सांग और डेमचोक इलाकों में सैनिकों की पूर्ण वापसी पर जोर दिया गया। इस बीच सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने एक बयान में कहा कि इस बातचीत में पीपी-15 यानी हॉट स्प्रिंग से जुड़े मुद्दों का समाधान होने की उम्मीद है। पूर्वी लद्दाख में पिछले 20 महीनों से गतिरोध जारी है। कई स्थानों से भारत-चीन ने अपनी सेनाएं पीछे हटाई हैं।लेकिन पूर्व में देखें तो 4-5वें दौर की वार्ता के बाद पीपी-14, नौवें एवं 10वें दौर की वार्ता के बाद पेंगोंग झील के दक्षिण एवं उत्तरी तट एवं कैलाश रेंज तथा 12वें दौर की वार्ता के बाद पीपी-17 से सैनिकों की वापसी हुई थी।जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता कर रहे हैं जिन्हें हाल ही में लेह स्थित 14वें कोर का कमांडर नियुक्त किया गया है।पिछले सप्ताह चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों का अपनी ओर से नामकरण किया था और भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने कहा था कि इससे इस स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।

सतीश कुमार