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अक्षय तिथि पर करे गोल्ड में इन्वेस्ट, मिल सकता है मुनाफ़ा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इनवेस्टर को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। जहां तक शुद्धता की बात है तो इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा वहीं लोन के लिए भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इन बॉन्ड्स की अवधि 8 साल की होती है। अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको कैश कर सकते हैं, लेकिन अगर इनवेस्टर 5 साल से पहले गोल्ड को बेचता है तो उसे सही दाम ना मिलने की संभावना रहती है और उसे डिस्काउंट में बेचना पड़ता है।एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेशक को PAN जरूरी है। सभी कामर्शियल बैंक आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर, डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड एसएचसीआईएल, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।

सतीश कुमार (ऑपेरशन हेड, साउथ इंडिया)