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यूक्रेनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजी मदद वाली चिठ्ठी

Apr 12, 2023 Aman Thakur , ,

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगते हुए एक चिठ्ठी भेजी है। इस चिठ्ठी में यूक्रेन को मानवीय सहायता प्रदान करने को कहा है। यह चिठ्ठी यूक्रेन की उप-विदेश मंत्री एमिन झापरोवा ने एक बैठक के दौरान भारत की विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को दिया। इस चिठ्ठी में दवाएं, चिकित्सा-सामग्री और अन्य मानवीय सहायता देने की बात लिखी है।

इसी बीच यूक्रेनी उप-विदेश मंत्री ने भारत को पाकिस्तान और चीन को लेकर सलाह देते हुए कहा कि भारत उन दुश्मनों को पहचाने जो सोचते हैं कि वह गलत करने के बाद भी बचकर निकल जाएंगे।

भारत की राजधानी नई दिल्ली में इंडियन कॉउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स के आयोजन को संबोधित करते हुए एमिन झापरोवा ने कहा कि पिछले वर्ष यूक्रेन पर हुए रुसी हमले से पहले की घटनाएं इस बात का उदाहरण हैं कि खराब पड़ोसियों से कैसे निपटा जाना चाहिए। चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते मुश्किल रहे हैं। क्रीमिया में जो हुआ, उससे भारत को सबक लेना चाहिए। जब भी कुछ गलत होता है अगर उसे रोका न जाए तो बड़ी समस्या बन जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2014 में रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया पर आक्रमण कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया था। वहीं वर्ष 2016 में यह माना गया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन यूक्रेन पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं क्यूंकि तब पुतिन ने यूक्रेन की बॉर्डर पर बड़ी मात्रा में सैनिक तैनात किए थे।

यूक्रेनी उप-विदेश मंत्री ने साफ़ कर दिया कि भारत और रूस के तेल वाले समझौते में यूक्रेन भारत को इसके बारे में बताने की हालत में नहीं है कि उसे दूसरे देशों के साथ किस तरह के संबंध बनाकर रखना चाहिए। जैसे ही रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया वैसे ही कई देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए, इसके बावजूद भी भारत, रूस से कम दामों में तेल आयात कर रहा है और इसके माध्यम से अपने देश के लोगों को राहत दे रहा है।

झापरोवा ने कहा कि हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए ) अजीत डोवाल की रूस में की गई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन, युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री मोदी समेत विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया देखना चाहता है। हमारी नज़र नेताओं के दौरे पर भी है। एनएसए अजीत डोवाल तीन बार मॉस्को गए हैं। अगर वह यूक्रेन पधारते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है। हम चाहते हैं कि वह यूक्रेन आएं।

भारत को विश्व-गुरु बताते हुए उप-विदेश मंत्री ने कहा कि हम भारत को विश्व-गुरु के तौर पर देखते हैं। कुछ देश होते हैं जो दोस्ती और शांति के बदले युद्ध में यकीन करते हैं, परन्तु भारत विश्व-गुरु के तौर पर मुख्य भूमिका निभा रहा है। हम इस युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों का अभिनंदन करते हैं।

उप-विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति जेलेंस्की को जी-20 में निमंत्रण दिए जाने की बात उठाई। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। भारत राष्ट्रपति जेलेंस्की को बुलाकर युद्ध से जन्मी समस्याओं पर प्रकाश डाल सकते हैं। सितंबर 2023 में आयोजित होने वाली जी-20 सम्मेलन को संबोधित करने में राष्ट्रपति को काफ़ी ख़ुशी होगी।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश