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कनाडा के जंगलों में लगी आग

ओटावा: कनाडा के जंगलों में भीषण आग का प्रकोप हुआ है, जिससे उत्तरी अमेरिका के इस देश के समस्त 10 प्रांतों और शहरों पर प्रभाव पड़ा है। अगस्त माह में स्थिति और बिगड़ने का डर है। 33 हजार वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में आग लगी है, जो पिछले 10 साल की सामान्य स्थिति से 13 गुना और यूरोप के बेल्जियम से भी व्यापक है। 1 लाख 20 हजार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षा के लिए अपने मकानों छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।

कनाडा के 413 जंगलों में आग की लपटें बेकाबू हैं, जिनमें से 249 में आग बुझाने का कोई उपाय नहीं है। इसका धुआं कनाडा से पार होकर संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों में पहुंचा है। न्यूयॉर्क, मिनेसोटा, क्वीन्स और मैसाचुसेट्स में हवाई अलर्ट जारी किया गया है।

अमेरिका, मैक्सिको, फ्रांस समेत कई देशों ने की सहायता

संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका गणराज्य समेत कई देशों के हजार से ज्यादा अग्निशमनों की मदद हेतु कनाडा में उपस्थित हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि लोगों के लिए हालत डरावनी है। कई लोगों को अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है। हम स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सभी देशों कुछ सहायता पहुंचाने हेतु शुक्रिया अदा किया है।

कनाडा के नोवा स्कोटिया प्रांत में आग से 200 घर जलकर राख हो गए हैं। 16 हजार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षा के लिए अपना घर छोड़ना पड़ा है। वहां की आग को कुछ हद तक काबू में किया गया है। क्यूबेक में 164 जंगली आगें अभी भी जलती हुई हैं, जिनसे 10 हजार से ज़्यादा लोग अपने घरों को छोड़ चुके हैं।

आख़िर जंगल में कैसे लगती है आग ?

जंगल की आग को कनाडा में बाढ़ के बाद की सबसे भयानक आपदा कहा जा रहा है। हर साल 4 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक का इलाका जंगल की आग में नष्ट हो जाता है। आग को जलाने के लिए हीट, ईंधन और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जंगल में हवा से ऑक्सीजन मिलता है। सूखे पेड़ों की शाखाएं और पत्तियां ईंधन की भूमिका निभाते हैं। सिर्फ एक चिंगारी ही हीट के रूप में काम करके आग पैदा कर सकती है।

जंगल की आग का अधिकांश ग्रीष्मकाल में होता है। इस समय एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे जंगल को आग के हवाले करने में काफी होती है। यह चिंगारी कभी पेड़ों की शाखाओं का आपस में स्पर्श होने से या कभी सूर्य की धूप से पैदा होती है।

गर्मी के कारण पेड़ों की शाखाएं और पत्तियां सूख जाते हैं, जिनमें आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। आग लगने के बाद हवा उसे फैलाती है। साथ ही बिजली का कड़कना, ज्वालामुखी का फटना और कोयला का जलना भी जंगल में आग के प्रमुख कारक होते हैं। कनाडा में हुई आग को मुख्यत: तापमान के उतार-चढ़ाव से संबंधित माना जा रहा है।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश