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यूक्रेन का बांध हुआ बर्बाद, बाढ़ का बना खतरा

कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मंगलवार को यूक्रेन का सबसे बड़ा बांध बर्बाद हो गया। बांध का नाम काखोवका था जो कि उत्तरी यूक्रेन में मौजूद था। दोनों ही देश एक दूसरे पर बांध को तबाह करने का आरोप लगा रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार बांध पर हमले के पश्चात् पानी युद्ध के मैदान में पहुंच गया।

अब बांध के तबाह होने की वजह से आसपास के गांवों को बाढ़ के डर से खाली करवाया जा रहा है। खरसोन के इलाके को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं रूस की समाचार एजेंसी के अनुसार 80 गांव को बाढ़ का खतरा है। आपको बता दें कि यूक्रेन में यह बांध सोवियत संघ के समय पर साल 1956 में बनाया गया था। नइपर नदी पर बने इस डैम की लंबाई 30 मीटर थी और इसका फैलाव 3.2 किलोमीटर के क्षेत्र पर था।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बुलाई आपातकालीन बैठक 

यूक्रेन के उत्तरी कमांड के सैन्य अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि कखोवका बांध पर रूसी महासंघ ने आक्रमण किया है। दूसरी ओर जेलेंस्की ने इस हमले को लेकर आपातकालीन बैठक बुलाई है। आपको बता दें कि बांध रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्र में आता है और रूसी सेना ने यूक्रेन के हमले से इस बांध के तबाह होने की बात कही है। इसी बांध से क्रीमिया व जापरोजिया परमाणु संयंत्र (नुक्लियर प्लांट) में पानी की आपूर्ति की जाती है।

आईसीसी में आमने-सामने होंगे रूस और यूक्रेन

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट) में रूसी महासंघ और यूक्रेन आमने-सामने खड़े होंगे। यूक्रेन का आरोप है कि रूस वर्षों से यूक्रेनी अलगाववाद का समर्थन करता रहा है। जिसके कारण यूक्रेन में आक्रमण हो रहे हैं। इस पूरे मामले में द हेग में दोनों पक्ष अपनी दलील पेश करेंगे। इस केस को यूक्रेन ने युद्ध के 5 वर्ष पूर्व दर्ज करवाया था। पिछले वर्ष 2022 में रुसी आक्रमण के पश्चात् यूक्रेन ने रूस के विरुद्ध और भी कई मामले दर्ज करवाए।

आईसीसी ने पुतिन के विरुद्ध जारी किया वारंट

17 मार्च 2023 को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने यूक्रेन में युद्ध अपराध करने हेतु रूसी महासंघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरुद्ध गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। अदालत ने कहा था कि पुतिन यूक्रेन के बच्चों के अपहरण और डिपोर्टेशन के अपराध के लिए जिम्मेदार हैं।

वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह तो सिर्फ एक शुरुआत है। न्यायालय ने कहा था कि उसके पास यह मानने के लिए उचित आधार है कि उन्होंने न केवल इन अपराधों को अंजाम दिया, बल्कि इसमें दूसरों की सहायता भी की। अदालत ने यह भी कहा था कि रूसी राष्ट्रपति बच्चों को निर्वासित करने वाले दूसरे लोगों को रोकने हेतु अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने में नाकाम रहे।

अमन ठाकुर – हिमाचल प्रदेश