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महामारी के दौर में नेता-अभिनेता गायब, संवेदनहीनता और निज स्वार्थ की चरम सीमा

May 3, 2021 , ,

देश की जनता अगर किसी को घंटों सुनती या देखती है तो वो है देश के नेता और अभिनेता । नेता को इसलिए क्योंकि वो राजनीति में है । उनके पास ताकत है , सत्ता है और वो आपके विकास के देश के विकास के वादे करते हैं । अभिनेताओं को सुनने और देखने के लिए भी भीड़ लगी रहती है क्योंकि ये या तो किसी के रोलमॉडल बन जाते हैं या उन्हें भरपूर मनोरंजन देते हैं । खैर आम जनता पर प्रभाव दोनो ही डालते हैं और आम जनता भी इनकी फैन फॉलोइंग में चार चांद लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ती। अगर इस जनता का साथ ना हो तो पार्टी का कार्यकर्ता विधायक नहीं बन सकता और अगर दर्शकों का साथ ना हो तो मायानगरी में सपने संजोए कभी कोई एक्टर भी नहीं बन सकता । जनता जानती है अच्छे नेता के काम को सराहना , और दर्शक जानता है एक अच्छे अभिनेता को सपोर्ट कर सुपर स्टार बनाना । हालांकि अब जब आम जनता और ये दर्शक कहे जाने वाले लोग corona महामारी से जूझ रहे हैं तब कहां है इनके चहेते नेता और अभिनेता ? कुछ हैं जो दिल से स्पोर्ट कर रहे हैं पर ये तो वो नेता अभिनेता हैं शायद जिनकी अच्छाई को लोग पहचान ही नहीं पाए । बाकी जिन्हे कुर्सी पर बैठाया या जिनके लिए सिनेमा हॉल की कुर्सियों पर दिन कई घंटों बिताए वो तो हो गए qarantine ! होगा इन रोल मॉडल कहलाने वाले लोगों में टैलेंट लेकिन इंसानियत कहां है ? और कहां दिखाओगे टैलेंट , किसको करोगे बड़े बड़े वादे जब वो देखने सुनने वाले ही नहीं रहेंगे ? ये कुर्सी , ये नाम , ये शोहरत आपकी अकेली की नहीं हैं । आपको रोल मॉडल मानने वाले, आपका मनोबल बढ़ाने वाले लोगों की भी है । इसे बांटने के लिए नहीं कह रहे हम लेकिन अपनी ऐशो आराम की जिंदगी और सड़क पर एक एक सांस के लिए तड़प रहे लोगों की परेशानियों को एक बार सोच लो । आप जब बीमार पड़ते हैं तो ना जाने कितने लोग दुआ करते हैं जिनका आपसे दूर दूर से कोई वास्ता नहीं । लेकिन आप दुआ के साथ दवा लाने के काबिल हैं और आपको इस काबिल इन्ही लोगों ने बनाया है । अपने गुजर गए कल और आने वाले कल को एक बार सोच लेना । जो जनता तुम्हे सुनने तपती हुई धूप में भी घंटों खड़ी रहती थी ना वो कल तो थी पर अगर आज तुमने कुछ न किया तो आने वाले कल में रैली का मैदान खाली होगा । जो दर्शक तुम्हे देखने के लिए फर्स्ट डे फर्स्ट शो बुक कराते थे ना वो गुजरे कल तो थिएटर को हाउसफुल कर रहे थे पर अगर आज तुमने कुछ न किया तो आने वाले कल में वहां देखने वाला कोई नहीं होगा ।

मेघना सचदेवा, स्टेट हेड दिल्ली।