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आशा पारेख को मिला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, अपने शानदार अभिनय से जीता लोगों का दिल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार के दिन देखा जाए तो 79 साल की अभिनेत्री आशा पारेख को 2022 का दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड देने को लेकर ऐलान कर दिया है। 30 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विज्ञान भवन में ये पुरस्कार देने जा रही हैं।

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने साझा कर दिया है। उन्होंने जानकारी दिया है कि हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को लेकरआशा को इस अवॉर्ड से सम्मानित करने का कार्य हो रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों वाले काम को सम्मानित करने के लिए हर साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड्स दिया जाता है।

आशा पारेख 95 से ज्यादा फिल्मों में बेहतरीन अभिनय कर चुकी है। आशा अभिनेत्री के अलावा प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी काम किया है। उन्हें 1992 में पद्म श्री से सम्मानित कर दिया था। उन्हें कई अवॉर्ड मिले। जैसे 1963 में अखंड सौभाग्यवती को लेकरसर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का गुजरात राज्य पुरस्कार। 1971 में फिल्म कटी पतंग के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से LG वीके सक्सेना के पक्ष में अंतरिम आदेश देने के दौरान आम आदमी पार्टी को जानकारी दिया हैकि उनके खिलाफ लिखी जाने वाली सभी पोस्ट सोशल मीडिया से तुरंत हटाने को जरूरत। सक्सेना ने अपनी याचिका में बताया था कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ बिना आधार मानहानि वाला पोस्ट जारी हुआ है।

NASA ने मंगलवार को इतिहास रचकर काफी नाम कमाया है। अंतरिक्ष में धरती से देखा जाए तो 1.1 करोड़ किलोमीटर दूर NASA का अंतरिक्ष यान डाइमॉरफस नामक एस्टेरॉयड से टकरा चूका है। नासा ने पहली बार किसी प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट को लेकर जिसका मतलब है कि डार्ट मिशन को सफलतापूर्वक करने में कामयाब हुए हैं। अब भविष्य में धरती के ऊपर अगर किसी तरह के एस्टेरॉयड को टकराने की आशंका बनी रहती है, तो इस टेक्नोलॉजी से पृथ्वी को बचाने का कार्य लिया जाता है।

डार्ट मिशन ने 27 सितंबर की सुबह 4.45 मिनट पर एस्टेरॉयड से टकराना शुरू हो गया था। टक्कर के बाद डाइमॉरफोस किस दिशा में जाकर मुड़ गया था। इसकी जानकारी अभी नासा को नहीं प्राप्त हुई है। नासा का कहना है कि इसका डाटा मिलने में समय लगने वाला है। इस टक्कर का मकसद उस एस्टेरॉयड को खत्म करना नहीं माना जा रहा है बल्कि उसकी आर्बिट यानी एक तरह से उसके रास्ते में बदलाव करना माना जा रहा है।

अंज़र हाशमी – उत्तर प्रदेश