• Wed. Oct 20th, 2021

पीएम मोदी और बाइडेन के बीच बैठक अहम मुद्धो पर हुई बात।

                 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की और उन्हें भारत आने का न्योता दिया। अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस द्वारा पाकिस्तान में आतंकी समूहों की मौजूदगी को स्वीकार करने के एक दिन बाद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगानिस्तान में इस्लामाबाद की भूमिका पर चिंता व्यक्त की है।राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय शिखर बैठक तथा हिन्द प्रशांत क्षेत्र को लेकर स्थापित चतुष्कोणीय फ्रेमवर्क क्वाड की शिखर बैठक में अफगानिस्तान की स्थिति, कट्टरवाद एवं आतंकवाद और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने वाशिंगटन में संवाददाताओं को बताया कि अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी माना कि अफगानिस्तान में वर्तमान सरकार समावेशी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता विशेष रूप से अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत के कदम की सराहना की गई। बाइडेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह महसूस करते हैं कि सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।तालिबान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि अफगान क्षेत्र का उपयोग किसी भी आतंकवादी समूहों को शरण देने या प्रशिक्षित करने के लिए और किसी देश को धमकी देने और हमला करने के लिए नहीं किया जाए। श्रृंगला ने कहा कि दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी क्वाड देशों में एक राय थी कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान खुद को जिस तरह से पेश करने की कोशिश कर रहा है।इसमें न तो अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को शामिल किया गया है और न ही इस सरकार में महिलाओं की भागीदारी है। मुझे लगता है कि बिंदु पर ध्यान दिया गया था। बता दें कि गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्रृंगला ने बताया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने स्वत संज्ञान लेते हुए आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया था।

सतीश कुमार