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रूस ने शुरू विश्व युद्ध का आरंभ, युक्रेन पर उतरे रूस के जंगी विमान।

रूस और युक्रेन के बीच जंग चीड़ चुकी हैं, रूस के राष्टृपति पुतिन ने युक्रेन को डिमिलिट्रि करने के आदेश दिए हैं। कही दिनों से चल रही बेहस बाजी पर रूस ने खड़ा हमला बोला हैं, रूस अब बात करने की मूड मे नही है। और उसने देशो को चेतावनी देते हुए कहा हैं इस मामले मे जो भी देश आएगा वे उसे भी नही छोड़ेंगे। रूस और युक्रेन विवाद सोवियत यूनियन विभाजन से शुरू होती हैं।1991 में सोवियत संघ का पतन, उत्तराधिकारी राज्यों के द्विपक्षीय संबंधों में संबंधों, तनावों और एकमुश्त शत्रुता का दौर आया है। 1990 के दशक की शुरुआत में, यूक्रेन की नीति अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आकांक्षाओं पर हावी थी।रेवोल्यूशन ऑफ़ डिग्निटी के बाद से दो देश शत्रुतापूर्ण रहे हैं, जिसने यूक्रेन के निर्वाचित राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच और उनके समर्थकों को गिरा दिया, क्योंकि उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ एक राजनीतिक संघ और मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था, जिसे यूक्रेन की संसद में बहुमत का समर्थन प्राप्त था। यूक्रेन की क्रांतिकारी सरकार रूस के साथ अपने स्वयं के आर्थिक और सुरक्षा हितों को संतुलित करने के नाजुक कूटनीतिक खेल को जारी रखने के बजाय यूरोपीय संघ और नाटो के भीतर भविष्य के लिए देश को प्रतिबद्ध करना चाहती थी।रूसी सरकार को डर था कि यूरोपीय संघ और नाटो की यूक्रेन की सदस्यता रूस की काला सागर तक पहुंच को प्रतिबंधित करके संबद्ध देशों की पश्चिमी दीवार को पूरा कर देगी। दक्षिण कोरिया और जापान के अमेरिका से संबद्ध होने के कारण, रूसी सरकार चिंतित थी कि संभावित शत्रुतापूर्ण शक्तियों द्वारा रूस की घेराबंदी की जा रही थी। गरिमा की क्रांति के मद्देनजर, रूस ने रूस के साथ अपनी पूर्वी सीमा पर यूक्रेन के आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण डोनबास क्षेत्र में युद्ध में डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक और लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक में अलगाववादी मिलिशिया का समर्थन किया।यूक्रेन की सीमा पर रूसी सैन्य निर्माण ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है और द्विपक्षीय संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक कड़ा संदेश भेजा है कि आक्रमण का रूस की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम होगा। पर न इन दमकियो का असर रूस पर पड़ा और 23 फरवरी को युक्रेन पर हमला बोल दिया, रूस के फाइटर विमानो ने युक्रेन के एयर बेस उड़ा दिए, युक्रेन ने भी इस पर जवाबी कारवाही की उन्होंने भी रूस के 5 ऐरक्राफ्ट उडाने का दावा किया जिसमे 4 फाइटर प्लेनेस और एक हेलिकॉप्टर शामिल हैं। इस हमले पर अमेरिका के रास्ट्रपति जो बाइडें ने खड़ी आप्पति जताई हैं और कहा हैं अमेरिका पूरी तरह से युक्रेन की मदद करेगा सिर्फ अमेरिका ने ही नही कही और देशो ने भी अपनी आप्पति इस पर जताई हैं। युक्रेन ने भारत से भी मदद मांगी हैं, की वह रूस के राष्टृपति पुतिन से बात करे भारत ने भी बातो से मामला सुलजाने का सुजाव प्रस्तुत किया हैं । कुछ भी कहे इस जंग मे मामुली और साधारन जन का नुकसान बहुत हो चुका हैं, तेल से लेकर शयर बाजार तक पर इसका असर पड़ने लग गया हैं।

सतीश कुमार