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पंजाब में सियासी बवाल, CM चरनजीत सिंह चन्नी को अपनों ने घेरा।

पहले कृषि कानूनों का विरोध और फिर कांग्रेस सरकार में छिड़े घमासान के बाद अब पंजाब में एक नए मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है। दरअसल, बुधवार को केंद्र गृह मंत्रालय ने तीन राज्यों में सीमा सुरक्षा बल का क्षेत्राधिकार बढ़ाया है, जिनमें से एक पंजाब भी है। राज्य में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीट से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है, यानी सीमा से भारतीय क्षेत्र के अंदर बीएसएफ 50 किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान, गिरफ्तारी और जब्ती कर सकती है।उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेता और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से सवाल किया है कि क्या उन्होंने अनजाने में आधा पंजाब केंद्र को सौंप दिया है। जाखड़ ने कहा है कि अब पंजाब के 50000 वर्ग किलोमीटर के इलाके में से करीब 25000 वर्ग किलोमीटर बीएसएफ के दायरे में होगा। पंजाब पुलिस सिर्फ खड़ी रहेगी। भारत सरकार के एकतरफा फैसले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ-साथ चलने वाले 50 किलोमीटर के दायरे में बीएसएफ को अतिरिक्त शक्तियां देने का फैसला किया गया है। यह संघवाद पर सीधा हमला है।’ सीएम चन्नी ने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए।यह संघीय ढांचे का उल्लंघन है और पंजाब में भय का माहौल पैदा करेगा। लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।कैप्टन ने कहा, ‘कश्मीर में हमारे जवान मारे जा रहे हैं। हम देख रहे हैं कि अधिक से अधिक हथियार और नशीले पदार्थ पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा पंजाब भेजे जा रहे हैं। ये अधिकार बीएसएफ को भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में दिया गया है। आसान शब्दों में अब मैजिस्ट्रेट के आदेश और वॉरंट के बिना भी बीएसएफ इस अधिकार क्षेत्र के अंदर गिरफ्तारी और तलाशी कर सकती है।

सतीश कुमार