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चेन्नै स्थित हिंदू कॉलेज महा विद्यालय मे, हिंदी माह का आयोजन किया गया ।

चेन्नई पट्टाभिराम में स्थित धर्ममूर्ति राव बहादुर कलवल कन्नन चेट्टि महाविद्यालय द्वारा सोमवार (११/१०/२०२१) को हिंदी माह समारोह मनाया गया | डॉ. एन. राजेंद्र नायडू (निदेशक), डॉ. जी. कल्विक्करसी (प्राचार्य) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे एवं ऑनलाइन में अतिथिवक्तागण जुड़े हुए थे |प्राचार्य डॉ. जी. कल्विक्करसी जी, निदेशक डॉ. एन. राजेंद्रनायडू जी, हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ.सी. मणिकंठन जी, छात्र परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सुश्री. वी. डयाना और श्री एम. अनंदन ने इस कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन से किया | उसके बाद उनकी गायन मंडली द्वारा मंगलाचरण गाया गया| प्राचार्य डॉ. जी. कल्विक्करसी जी और निदेशक डॉ. एन. राजेंद्र नायडू जी ने भाषण देते हुए हिन्दू महाविद्यालय पारी- २ के हिंदी विभाग को हर साल इतने सारे कार्यक्रम आयोजित करने और हिंदी को महत्व देने के लिए हिंदी विभाग के अध्यक्ष एवं छात्र, छात्राओं कि प्रशंसा की। छात्र परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा प्राचार्य जी एवं निदेशक जी का सम्मान किया गया ।हिंदी विभाग का मुद्दा स्वामी विवेकानन्द जी का कथन है “दूसरों के लिए रत्ती भर सोचने और काम करने से भीतर की शक्ति जाग उठती है”| इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे हिंदी विभाग कि ओर से सरकारी विद्यालय के ५ ज़रूरतमंद बच्चों को निशुल्क लेखन सामग्री वितरित की गई थी | हिंदी माह के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कहानी लेखन, एकल गायन आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को पुरस्कार प्रदान किए गए| डॉ सी मणिकंठन ,अध्यक्ष, हिंदी विभाग पारी-२ ने अपने भाषण में कहा कि “हिन्दी मेरी जान है, तमिल मेरे प्राण है, मैं भारतीय हूँ इसमें मेरी शान है, भारत मेरा महान है” | उनका कहना है कि हमारी आधिकारिक भाषा हिंदी को बढ़ावा देना और धर्मार्थ कार्य करना दोनों एक है| उन्होंने यह भी कहा कि “मैं हिन्दी से लेता रेहता हूँ और हिंदी मुझे देती रहती हैं हिंदी ही अक्षयपात्र है”| प्रत्येक अतिथिवक्ता ने हिंदी के बारे में अपने विचार व्यक्त किया | इंग्लैंड से जुड़े डॉ. शिवशंकर अवस्थी, महासचिव, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, नई दिल्ली चैप्टर ने बताया कि कैसे सारे अतिथि वक्तागण अलग अलग राज्य से हमारे समारोह मे भाग लिए हैं और एकता की बात कर रहे थे | उन्होंने कार्यक्रम में आकर मिलने की इच्छा व्यक्त किया | वे छात्रों को लिखने और लेखक बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे| उसके बाद डॉ.राजलक्ष्मी कृष्णन,आजीवन सदस्य,ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया,चेन्नई चैप्टर ने अपने भाषण की शुरुआत कविता से की, उनका कहना है की हिन्दी भाषा हम सबको जोड़के रखने वाली भाषा है और विश्व में अंग्रेजी के बाद सबसे लोकप्रिय भाषा हिंदी ही है | प्रो.(डॉ) एस.तंकमणी अम्मा ,आजीवन सदस्य,ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया,केरल चैप्टर ने आपने आपकों एक हिन्दी प्रेमी बताते हुये अपना परिचय दिया उन्होंने कहा कि हमारे हिन्दू महाविद्यालय में भी एक छोटा भारत है जहा विभिन्न भाषायें बोली जाती है, उनका कहना है कि हिन्दी भारतीय संस्कृति की संवाहिनी भाषा है उन्होंने हमें हिन्दी माह कि विशेषता भी बतायी | डॉ.आशा मिश्रा मुक्ता आजीवन सदस्य,सह संयोजक,ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया हैदराबाद चैप्टर नें अपने भाषण की शुरुआत भारतेंदु हरिश्चंद्र की कुछ पंक्तियों से की| उन्होंने हमें हिन्दी ही नही परंतु हमारे भारत मे बोली जाने वाली विभिन्न भाषाओं के बारे में भी बताया |उन्होंने हमें यह भी बताया की हिन्दी भाषा कितने अधिक मात्रा में विभिन्न देशो में और कार्यालयों में बोली जाती है | डॉ.उषा रानी राव,आजीवन सदस्य,ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया,कर्नाटक चैप्टर का कहना है कि हिन्दी से हिंद का अभिमान है| इन्होंने हिन्दी भाषा की विशेषता भी बतायी | हमारे अध्यक्ष जी ने सभी अतिथिवक्तागण को अपना आभार व्यक्त किया | धन्यवाद ज्ञापन महासचिव पी. डी. आदिरा के द्वारा दिया गया था। एस.पुषपलक्षमी एवं तानवी आनंद ने कार्यक्रम का सुचारू रूप में संचालन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ|

सतीश कुमार, साउथ इंडिया