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नया कानून: रूसी अधिकारियों ने शांतिपूर्ण विरोध की संभावना को गंभीर रूप से सीमित कर दिया

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए रूसी अधिकारी विभिन्न अनुशासनात्मक उपाय अपना रहे हैं। एमनेस्टी के मुताबिक प्रदर्शन विरोधी कानूनों और अत्यधिक पुलिस बल के उपयोग जैसे उपायों, जिसमें तितर-बितर करने के लिए अत्यधिक बल का उपयोग शामिल है उसने व्लादीमीर पुतिन सरकार के लिए विरोध प्रदर्शनों पर नकेल कसना आसान बना दिया है। वर्तमान में रूस में आम लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इतनी सीमित है कि अब सरकार के खिलाफ बोलना संभव नहीं है. विरोध-विरोधी कानून ब्रिटेन स्थित मानवाधिकार समूह की 21-पृष्ठ की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस में पुतिन सरकार ने हाल के वर्षों में कई कानून पेश किए हैं।अब एक दर्जन से अधिक संशोधनों के बाद कानून यह निर्धारित करता है कि कौन प्रदर्शन का आयोजन करेगा, कौन इसमें शामिल हो सकता है और यह कहां होगा। महामारी प्रतिबंध रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सरकार ने घातक कोरोना वायरस जनित बीमारी के प्रसार को कम करने के लिए सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एमनेस्टी के मुताबिक मॉस्को सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को रोकने के संदर्भ में इन प्रतिबंधों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हट रही है।एमनेस्टी के मुताबिक नए संशोधनों के बाद लोग किसी भी अदालत, जेल, राष्ट्रपति आवास या आपातकालीन सेवाओं के पास इकट्ठा नहीं हो पाएंगे. इसके अलावा विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों को किसी भी विरोध के बारे में अधिकारियों को सूचित करना आवश्यक है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है।

सतीश कुमार (ऑपरेशन हेड, साउथ इंडिया)