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क्या तमिलनाडु का विभाजन करना चाहती है बीजेपी, राज्य की सत्ताधारी पार्टियां लामबंद

केंद्र सरकार की ओर से ‘कोंगु नाडु’ में विभाजित करने की योजना की अपुष्ट रिपोर्ट को लेकर राज्य की सत्ताधारी पार्टियां लामबंद हो गई हैं। राज्य में बीजेपी नेताओं ने इस तरह के कदम के पक्ष में बात की है और कहा कि लोग ऐसा चाहते हैं। बीजेपी विधायक दल के नेता नैनार नाग्रेंद्रन ने रविवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि तमिलनाडु में कई जगहों के नाम के अंत में नाडु है। भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र को अलग राज्य या फिर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की अटकलें शुरू हो गईं हैं। तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष एल मुरुगन तमिलनाडु के कोंगु नाडु के रहने वाले हैं और इनको मोदी सरकार में जगह मिली है।भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन ने अपने फेसबुक पेज पर इस दावे का समर्थन करने के लिए प्राचीन तमिल ग्रंथों का हवाला दिया कि कोंगु एक अलग भौगोलिक क्षेत्र था। श्रीनिवासन पश्चिमी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं और कोयंबटूर से एक निर्वाचित विधायक हैं जो इस क्षेत्र का एक हिस्सा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुनावुकुआरासु ने कहा, इसके लिए कोई मौका नहीं है। हालांकि यह अन्य राज्यों के साथ हुआ है, लेकिन अभी तमिलनाडु में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग इसकी अनुमति नहीं देंगे। बालाकृष्णन ने कहा कि भाजपा द्वारा पिछले दरवाजे से तमिलनाडु में प्रवेश करने की इस तरह की कार्रवाई से पार्टी के लिए गंभीर परिणाम होंगे। एएमएमके प्रमुख टीटी वी दिनाकरण ने इसे जाति के आधार पर विभाजनकारी कदम बताया और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन से इस मुद्दे को दूर रखने का अनुरोध किया।

सतीश कुमार (ऑपेरशन हेड साउथ इंडिया)