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पदभार संभलाते ही नए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्विटर को चेताया, कहा- देश के कानून से ऊपर कुछ नहीं

Jul 8, 2021


केंद्र सरकार ने कल ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। मंत्रिमंडल के विस्तार के पहले कई मंत्रियों की छुट्टी की गई। मोदी मंत्रिमंडल में कई नए चेहरे को भी मौका मिला है। इन्हीं नए नामों में से एक नाम है अश्विनी वैष्णव का। मोदी सरकार ने अश्विनी वैष्णव को रेल मंत्रालय और आईटी मंत्रालय का जिम्मा सौंपा है।
देश के नए आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने पदभार आज संभालते ही माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को चेतावनी दे दी है। उन्होंने आज कहा कि देश में कानून के ऊपर कुछ नहीं है। भारत में कानून सबसे ऊपर है और हम सभी उसके अधीन आते हैं। उन्होंने ट्वीटर को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें भी भारत का कानून मानना पड़ेगा। अपने पद ग्रहण करने के बाद उन्होंने मंत्रालय संभालने की एक फोटो भी पोस्ट की।
दरअसल, कल हुए मंत्रिमंडल विस्तार के पहले आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अचानक अपना इस्तीफा दे दिया। दरअसल कई राजनीतिक विज्ञानियों का कहना है कि नए आईटी कानून को लेकर रविशंकर प्रसाद देश की साख दुनिया के सामने बचाने में नाकाम रहे और उन्हें इसका खामियाजा अपना पद त्याग कर चुकाना पड़ा। रविशंकर प्रसाद का अचानक इस्तीफा देने से सभी चौंक गए थे। किसी भी नेता को यह उम्मीद नहीं थी कि प्रसाद अपना मंत्री पद छोड़ देंगे।
पिछले कुछ समय पहले लागू हुए नए आईटी नियम के बाद से ही आईटी मंत्रालय और ट्विटर के बीच जंग छिड़ी हुई थी। दरअसल ट्विटर को नए कानून के तहत अंतरिम ऑफिसर नियुक्त करना था, जिसे ट्विटर ने नहीं किया। इसे लेकर ही सरकार और ट्विटर के बीच जंग छिड़ गई।
ट्विटर ने कुछ वक्त पहले ही देश के पूर्व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का अंकाउट भी एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था। जिसे लेकर भी दुनिया में इसकी खूब चर्चा हुई। खुद रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर को इसके लिए जमकर आलोचना की थी। पर शायद इसी विवाद के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया और उनका इस्तीफा ले लिया।
सौरव कुमार