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क्लाइमेट चेंज की वजह से भविष्य में खतरनाक होता जाएगा भारतीय मानसून

Jun 8, 2021 , ,

संसार का वर्षण का स्वरूप पिछले कुछ में बदलने लगा है।नए शोध में भारतीय स्थितियों का अध्ययन करते हुए बताया गया है कि भविष्य में भारतीय मानसून और भी ज्यादा खतरनाक होता जाएगा।भारतीय मानसून का स्वरूप भी पिछले कई सालों में बदलता दिखाई दे रहा है जिससे इस दक्षिण एशिया की आबादी को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है।इसके अलावा अल नीनों जैसे प्रभाव भी इस पर अपना प्रभाव दिखाने लगे हैं जो एक वैश्विक प्रभाव है। लेकिन साइंस एडवांसेस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में किए गए पिछले लाखों सालों के बदलावों के आधार निष्कर्ष निकाला गया है कि मानसून का और ज्यादा खराब होना तय है।दुनिया में पिघलती बर्फ और बढ़ते कार्बन डाइऑक्साइड स्तरों पर अनुमानि मानसून प्रतिक्रिया पिछला 9 लाख सालों के गतिविधियों से मेल खाते हैं। ब्राउन यूनिवर्सिटी में पृथ्वी, पर्यावरण और ग्रह विज्ञान के प्रोफेसर स्टीवन क्लेमेंस की अगुआई में शोधकर्ताओं की टीम ने बंगाल की खाड़ी की मिट्टी के नमूनों का अध्ययन किया।दो महीने के दौरे में टीम ने एक तेल की खुदाई करने वाले जहाज के जरे 200 मीटर गहराई तक खुदाई कर नमूने लिए। इन नमूनों ने मानसून की बारिश का गहराई से विश्लेषण करने का अवसर दिया। वैज्ञानिकों ने नमूनों में पाए गए प्लैंकटॉन यानि प्लवकों के जीवाश्मों का विश्लेषण किया जो सैंकड़ों सालों के मानूसन के साफ पानी गिरने के कारण मरे थे।क्लेमेंस ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि वे इस बात की पुष्टि पिछले लाखों सालों के लिए कर सकते हैं कि वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड में बढ़ने के बाद दक्षिण एशिया के मानसून सिस्टम में बहुत बढ़ोत्तरी हुई है।

सतीश कुमार (ऑपेरशन हेड, साउथ इंडिया)