• Mon. Jan 24th, 2022

शनि प्रिय राशि कुंभ और मीन पर हैं मेहरबान, जानें असीम कृपा पाने के उपाय

Jul 5, 2021

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शनि देव मनुष्य को उनके कर्मों के आधार पर फल देने का कार्य करतें हैं। यही कारण है की शनि महाराज को कर्म फल दाता के रूप में जाना जाता है। प्रत्येक राशियों के अपने अलग अलग प्रधान राशि होती है । वैसे ही शनि को इन बारह राशियों में २ राशि यानी कुंभ और मीन राशि प्रिय है। और इनपर शनि देव कीअसीम कृपा बनी रहती है। ज्योतिषविद के हिसाब से मीन और कुंभ राशि वाले जातकों के स्वभाव बेहद सरल होते हैं। सरल स्वभाव के कारण हीं शनि देव को कुंभ और मीन राशि वाले लोग पसंद आते हैं। दयालु स्वभाव होने के कारण इस राशि के लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं। और ऐसे लोग जो मददहीनो की मदद करते हैं, शनि देव उनके कर्मों से काफी आकर्षित हो जाते हैं। इसलिए कुंभ और मीन राशि के जातक पर शनिदेव हमेशा मेहरबान रहते हैं। चूंकि शनि महाराज अत्यंत गुस्सैल देवता हैं। इनके गुस्से से सभी भयभीत रहते हैं। और हर कोई इन्हें खुश हीं करना चाहता है। अगर कुंभ और मीन के साथ साथ अन्य राशियां भी चाहती हैं कि उनपर शनि महाराज की असीम कृपा बनी रहे तो करें यह उपाय:

शनि देव काला रंग पसंद करतें हैं। इसलिए शनिवार के दिन काले तिल, कंबल, कपड़े , लोहे का बर्तन, उड़द की दाल आदि का दान करें इससे शनि देव खुश होते हैं। शनिवार के दिन काले कुत्ते को रोटी में सरसों तेल लगाकर खिलाएं। इससे शनि देव के अशुभ प्रकोप दूर होंगे और अच्छे फल की भी प्राप्ति होगी।

शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करें और उन्हें नीले रंग की अपराजिता के फूल अर्पण करें। साथ हीं रोज सुबह उठकर स्नान के बाद पीपल वृक्ष में जल दें। एवं शमी वृक्ष घर पर लगाएं और उनका नित्य पूजन करें व इसकी जड़ को विधिवत रूप से काले धागे में बांध कर गले या बाजू में धारण करें।

शनि जयंती या फिर प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते और बंदरों को बूंदी के लड्डू खिलाने से भी शनि का प्रकोप कम होता है। इसके अलावा काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बनी अंगूठी को मध्यमा उंगली में धारण करें और शनि देव का स्मरण करें।

रोजाना सुबह उठ कर नित्य कर्मों के बाद एक कटोरी में सरसों का तेल लेने और उसमें अपना चेहरा देखें इसी तेल को फिर गरीबों में दान कर दें इससे शनि महाराज प्रसन्न होंगे और आपकी कष्ट दूर होंगी।

तांबे के एक लोटे में जल के साथ काला तिल मिलाकर इसे शिवलिंग पर चढ़ाएं। ऐसा करने से व्यक्ति को रोगों से छुटकारा मिलता है व शिव की कृपा से आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

प्रज्ञा भारती, बिहार।